NavIC kya hai ? – NavIC का फुल फॉर्म क्या हैं ? – NavIC क्या है हिन्दी में

 NavIC क्या है? NavIC का फुल फॉर्म क्या हैं?

NavIC का Full forum Navigation with Indian Constellation” है। इसे इंडिया का GPS (Global Positioning System) कहा जा सकता है। नेविगेशन विथ इंडियन कॉन्स्टेलशन (NavIC) एक Indian Regional Navigation Satellite System (IRNSS) यानी भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम है। जिसे Indian Space Research Organisation (ISRO) द्वारा विकसित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के मछुआरों को समर्पित करते हुए इसका नाम नाविक रखा।

नेविगेशन विथ इंडियन कॉन्स्टेलशन (NavIC) 

में अभी तक कुल 7 सैटेलाइट है जिसे इसरो द्वारा भेजा गया है और भी सैटेलाइट भेजने की तयारी जारी है इसमें लगभग 11 सैटेलाइट भेजी जा सकती है। NavIC (नाविक) का मुख्य उद्देश्य है देश तथा इसकी सीमाओं के 1500KM तक उपयोगकर्ता को सटीक लोकेशन बताना वा नेविगेशन मदद करना और देश की सुरक्षा एजंसियों की वहा भी मदद करना जहा Gps काम न करता हो। नाविक 20मीटर तक की accuracy दे सकता है। 


नाविक को बनने में कितनी लागत लगी? 

NavIC इंडिया का ही नेविगेशन सिस्टम है जिसमे 7 सैटेलाइट अभी तक लंच की गई है और भी इसमें सैटेलाइट जोड़ी जा सकती है इसकी अभी तक की लगभग परियोजना लागत ₹16 अरब (US$233.6 मिलियन) का अनुमान लगाया जा रहा है 



NavIC कब लॉन्च किया गया था?

Navigation with Indian Constellation (NavIC) को 2012–13 में बनाया गया था इसकी फर्स्ट सैटेलाइट को 1 July 2013 को Indian Space Research Organisation (ISRO) द्वारा PSLV-XL C22 रॉकेट से लंच किया गया था। इस प्रोजेक्ट को भारत सरकार द्वारा 2006 में अनुमति मिल गई थी। NavIC की अखरी सैटेलाइट को 12 April 2018 को ऑर्बिट में स्थापित कर दिया गया था।

और भी अधिक जानकारी के लिए आप यह देख सकते है https://www.isro.gov.in/spacecraft/list-of-navigation-satellites


NavIC बनाने का उद्देश्य

NavIC बनने का मुख्य उद्देश्य GPS (Global Positioning System) से निर्भरता कम करना है। GPS अमेरिकी सरकार के अंतर्गत आता है ऐसे में वहा जब चाहे जीपीएस नेविगेशन सिस्टम पर अपना कंट्रोल कर सकते है ऐसा ही एक बार भारत के साथ हो चुका है कारगिल युद्ध के समय सेना की मदद के लिए भारत सरकार ने अमेरिकी सरकार से जीपीएस की मदद लेनी चाही परंतु अमेरिकी सरकार ने मदद करने से साफ इंकार कर दिया। हालाकि भारत us युद्ध में तो जीत गया परंतु जीपीएस नेविगेशन सिस्टम से अपनी निर्भरता खतम करना चाहता था ताकि भविष्य में किसी भी इस्थिती में नेविगेशन सिस्टम का उपयोग कर सके।



क्या NavIC सभी के उपयोग के लिए है?

जी हां नाविक सार्वजनिक रूप से अवेलबल है नाविक को दो भाग है एक तो सभी के लिए अवेलबल है और एक सुरक्षा एजेन्सी के लिए जो हाइट क्वल्टी वा इंक्रेप्टेड है 



किस मोबाइल फोन में NavIC का सपोर्ट है ?

NavIC supported phone

अभी फिलहाल में Qualcomm Snapdragon 720G, 662 और 460 ये मोबाइल चिपसेट isro के NavIC को सपोर्ट करते है यानी ये प्रोसेसर जिस मोबाइल में होगे उस मोबाइल में NavIC का सपोर्ट होगा। कुछ मोबाइल फोन यह है जिसमे नाविक का सपोर्ट है –

1. Realme X50 Pro 

2. iQOO 3

3. Realme 6 Series

4. Redmi Note 9 Series

5. Xiaomi Redmi K30 Pro 5G

6. Honor 30 Pro

7. Honor 30 Pro+

8. Huawei P40

9. Huawei P40 Pro

10. Realme X50 Pro 5G

11. Redmi Note 9 Pro

12. Redmi Note 9 Pro Max




कैसे चेक करे क्या आपके Smartphone में NavIC का सपोर्ट है 

अपने स्मार्टफोन में GNSSTest ऐप को प्ले स्टोर या app Store से डाऊनलोड करे

इस app को खोले वा “स्टार्ट टेस्ट” पर क्लिक करे 

यह ऐप आपको सभी उपलब्ध नेविगेशन सेटेलाइट दिखा देगा

अगर इसमें आपको कोई भी इंडिया सेटेलाइट दिखाई देती है तो आपके मोबाइल में NavIC का सपोर्ट है।




NavIC के क्या फायदे है

Navigation with Indian Constellation (NavIC) के पास 7 सेटेलाइट उपलब्ध है जो की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर कार्य करती है वा जीपीएस नेविगेशन सिस्टम के मुकाबले अधिक accuracy प्रदान करती हैं जिससे कई सारे फायदे होते है जिसे की


  • बेहतर मैपिंग और जियोडेटिक डेटा कैप्चर

  • व्यवसायों के लिए ट्रैकिंग वाहन और बड़े प्रबंधन

  • आपदा प्रबंधन

  • हवाई और समुद्री नेविगेशन

  • पर्वतारोही और यात्रियों के लिए स्थलीय नेविगेशन सहायता

  • ड्राइवरों के लिए विजुअल और voice नेविगेशन

  • छोटे शहरों और गांवों में भारत नेविगेशन


अनिवार्य रूप से, नाविक भारतीय परिवेश में नेविगेट करने के मामले में जीपीएस की कमी वाली हर चीज में सुधार करेगा, क्योंकि यह भारतीय उपग्रहों को स्थान को ट्रैक करने और मानचित्रण उद्देश्य के लिए सक्षम करेगा।  प्राथमिक सेवा क्षेत्र में नाविक की स्थिति सटीकता 20 मीटर से बेहतर है।



स्वदेशी तकनीक के फायदे

Navik एक भारत का अपना स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम है जिसके कारण हमारी GPS (Global Positioning System) पर से निर्भरता कम होगी वा हमे नेविगेशन के लिए किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं रहना होगा वा हमारा डाटा सुरक्षित बना रहेगा वा भारत की सुरक्षा एजेंसी इसका भरपूर उपयोग हमारी सुरक्षा बनाए करने के लिए कर पाएगी।


जीपीएस तथा नाविक मै से कौन है बेहतर?

(GPS Vs NavIC in Hindi)

GPS यानी Global Positioning System इसे अमेरिका द्वारा 1978 में बनाया गया था यह एक विश्वव्यापी नेविगेशन प्रणाली है जो दुनिया भर में फैली हुई है जिसमे 32 उपग्रह है और NavIC एक क्षेत्रीय नेविगेशन प्रदली है जो भारत के आस पास 1500km तक फैली हुई है। यह केवल भारत तथा इसके आस पास के क्षेत्रों को कवर करती है। जबकि भारतीय नाविक को कुछ स्थानों पर भारत माना गया है क्योकि यह S और L बैंड की दोहरी आवृत्ति पर काम करता है जबकि GPS केवल L बैंड पर ही निर्भर है इसीलिए नाविक की जीपीएस के मुकाबले एक्युरेसी भी अच्छी है वो यह इंडिया का अपना नेविगेशन सिस्टम है इसलिए इंडिया के लिए तो इसके काफी सारे फायदे है जीपीएस के मुकाबले यह अच्छी क्वॉल्टी प्रदान कर सकता है 



किन देशों के पास अपनी स्वदेशी नेविगेशन तकनीक है?

वर्तमान में केवल 4 ही देशों के पास अपनी स्वदेशी नेविगेशन तकनीक है उसमे से एक भारत भी है हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भारत के इसरो द्वारा निर्मित NavIC को अंतराष्ट्री मानकों पर खरा पाते हुए RPS के रूप में मान्यता प्रदान की है 

देश और उनके स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम के नाम

  • अमेरिका : GPS

  • रूस : GLONASS

  • चीन : BEIDOU

  • यूरोपियन यूनियन : GALILEO

  • भारत : NavIC


निष्कर्ष –

आशा है की NavIC के बारे में आपके बहुत सारे सवालों का जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको मिल गया होगा अगर आप और कुछ जानकारी चाहते है या कुछ सवाल है तो कमेंट बॉक्स में टाइप करकर जरूर बताएं। धन्यवाद!


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